मामूली बारिश से अंडरपास बना तालाब: वहां से निकल रही स्कूली बस में घुसा पानी, 17 बच्चों की जान संकट में, रेस्क्यू कर निकाले गए बच्चे


फरीदाबाद9 घंटे पहले

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मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल के थे बच्चे, बस के बंद होने से मचा कोहराम।

शहर में बुधवार दोपहर हुई हल्की बारिश से दिल को झकझोर देने वाली घटना पैदा कर दी। मामूली बारिश से ही तालाब बने एनएचपीसी अंडरपास से निकल रही एक नामी स्कूल के 17 बच्चों की जान संकट में पड़ गयी।

अंडरपास में स्कूली बस फंसकर बंद हो गई। बस के बंद होते ही अंडरपास का पानी उसमें भरने लगा और बस में सवार बच्चे फंस गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सरायख्वाजा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। परिजनों को सूचना देकर उन्हें मौके पर बुलाया और बच्चों को उनके हवाले कर दिया। हैरानी की बात यह है कि इस अंडरपास में अक्सर ऐसी समस्या पैदा होती है लेकिन कोई भी िवभाग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। मामला डिप्टी सीएम की ग्रीवांस कमेटी में भी उठ चुका है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा वर्षों से बनी इस समस्या का आज तक समाधान नहीं किया जा सका।

पांच साल की मासूम बच्ची को बस से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाती महिला

पांच साल की मासूम बच्ची को बस से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाती महिला

बस में पानी भरने की ऐसे हुई पूरी घटना

जानकारी के अनुसार मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल चार्मवुड विलेज की एक बस बुधवार दोपहर करीब एक बजे बच्चों को छोड़ते हुए ग्रीनफील्ड की ओर से अंडरपास होते हुए नेशनल हाईवे की ओर जा रही थी। उस दौरान बस में करीब 15 से 17 बच्चे सवार थे। उस वक्त हल्की बारिश हो रही थी। बारिश के कारण सीवर ओवरफ्लो होने से अंडरपास तालाब बन गया। बस चालक को इस बात का अंदाजा नहीं था। बताया जाता है कि बस निकालने के दौरान ही अंडरपास के बीच में ही बस बंद हो गई। इसके बाद गेट के जरिए अंडरपास का पानी बस में घुसने लगा। बस के अंडर पानी आते ही बच्चों में चीफ पुकार मच गई।

आस पास के लोगों की मदद से रेस्क्यू किए गए बच्चे

अंडरपास में बस के डूबने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग बचाने के लिए दौड़ पड़े। ग्रीनफील्ड कॉलोनी निवासी सन्नी खंडेलवाल और श्वेता शर्मा ने बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद एक एक करके बच्चों को बस से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उक्त प्रत्यक्षदर्शियाें ने बताया कि बस में सवार सबसे छोटी बच्ची शिवान्या महज पांच साल की थी। वह घबराकर जोर जोर से रोने लगी थी। रेस्क्यू के दौरान दसवीं क्लास की एक छात्रा का पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगी। उसे बड़ी मुश्किल बचाया जा सका।

बस में फंसे बच्चों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

बस में फंसे बच्चों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकल गए बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बस में फंसे सभी बच्चों को बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया। बस चालक और कंडक्टर भी बच्चों को निकालने में लगे रहे। परिजनों को बुलाकर बच्चों केा उनके हवाले कर दिया। तब जाकर लोगों की जान में जान आयी। लोगों ने बताया कि थोड़ी भी देर हुई होती तो यहां बड़ा हादसा हो सकता था।

50 हजार से अधिक लोगों का होता है आना जाना

ग्रीनफील्ड कॉलोनी समेत सूरजकुंड की आेर से नेशनल हाईवे तक रोजाना करीब 50 हजार से अधिक लोगों का आना जाना होता है। यह हाईवे का प्रमुख लिंक रोड है। इस रास्ते से लोग गुड़गांव तक आते जाते हैं। सूरजकुंड इलाके में बसी सोसाइटी व कॉलाेनियों या फिर गांवों में आने का जाने का प्रमुख मार्ग है।

जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही

एनएचपीसी रेलवे अंडरपास का मामला डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के ग्रीवांस कमेटी में भी उठ चुका है। यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंच चुका है लेकिन नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण आज तक इसका हल नहीं निकाल पाया। दोनों विभाग एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इस बारे में नगर निगम कमिश्नर जितेंद्र दहिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। उधर एचएसवीपी प्रशासक गरिमा मित्तल का कहना है कि इस अंडरपास का उनके विभाग का कोई रोल नहीं है। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की है।

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